खेल खिलाड़ी | 06.07.2008
वीनस विलियम्स पांचवीं बार विम्बलडन महिला चैंपियन
7-5 और 6-4 के दो सीधे सेटों में वीनस विलियम्स ने सेरेना विलियम्स को हराकर विम्बलडन में इस वर्ष महिलाओं का एकल खिताब जीता.
इस टुर्नामेंट के फ़ाइनल में दोनों बहनों के बीच यह तीसरा मुक़ाबला था. सन 2002 और 2003 में सेरेना को जीत मिली थी. लेकिन 15 महीना छोटी बहन पर वीनस की यह जीत कुल मिलाकर उसकी पांचवीं जीत थी. इससे पहले वह सन 2000, 2001, 2005 में और पिछले साल यह पदक जीत चुकी है. जीत के बाद उसका कहना था कि उसे यकीन ही नहीं आ रहा है कि वह पांचवां पदक जीत चुकी है. फ़ाइनल में अगर सेरेना से मुकाबला हो, तो टाइटल बहुत दूर लगता है. वह इतना अच्छा खेल रही थी, कि यह वाकई मुश्किल था.
दोनों बहनों के मुक़ाबले में पहली बार हारने वाली सेरेना का कहना था कि आज वीनस थोड़ा बेहतर थी, और उसकी अपनी योजना काम न आई.
पाँच टाइटल जीतने के बाद वीनस का कहना था कि वह आगे भी यह खिताब जीतना चाहती है, और उसकी नज़र मार्टिना नावरातिलोवा की 9 जीत के रेकार्ड पर है. उसने कहा कि मार्टिना की बराबरी सबसे बड़ी बात होगी. लेकिन यह आसान नहीं है, उसका खेल जीवन तीन दशकों तक था और मुझे पता नहीं कि मेरे पास इतना वक्त है या नहीं. वीनस विलियम्स की उम्र इस बीच 28 साल हो चुकी है.
वीनस ने कहा कि फ़ाइनल में आने के बाद दो बहनों में से एक को जीतना और एक को हारना था. जीत की ख़ुशी के बीच भी वह भूल नहीं सकती कि हारने वाली उसकी बहन है. और सेरेना का कहना था कि उसे उम्मीद है कि दूसरे टुर्नामेंटों में भी दोनों का मुक़ाबला होता रहेगा. अगली बार वह बेहतर तैयारी के साथ आएगी.
अब सबकी नज़र पुरुषों के एकल मुक़ाबले पर है. छठी बार रोजर फ़ेडरर और राफ़ाएल नाडाल इस टुर्नामेंट के फ़ाइनल में आमने-सामने होंगे. नाडाल अगर क्ले कोर्ट में लाजवाब हैं, तो विम्बलडन जैसे ग्रास कोर्ट में फ़ेडरर की कोई सानी नहीं है. अगर फ़ेडरर इस बार जीतते हैं, तो वे ब्योर्न बोर्ग की पांच जीत के रेकार्ड से आगे बढ़ जाएंगे. फ़ेडरर का कहना है कि नाडाल जैसे प्रतिद्वंद्वी के कारण उनके खेल में निखार आया है.
सेमीफ़ाइनल में नाडाल से हारने वाले जर्मनी के राइनर श्युटलर दोनों की तुलना करते हुए कहते हैं कि फ़ेडरर इतनी आसानी के साथ अपने शॉट तैयार करता है कि दंग रह जाना पड़ता है. इसके विपरीत नाडाल के शॉट्स में बेहद दम होता है, और वह कभी भी निराश नहीं होता है.
देखना है कि फ़ेडरर की स्टाइल आगे रहती है, या नाडाल का पावर प्ले.

























