सरोकार | 11.09.2008
बॉन में बेथोफ़न समारोह
ख़त्म होती गर्मियों के साथ सितंबर में जर्मनी के बॉन और आसपास के शहरों में बीथोवन के संगीत पर आधारित संगीत महोत्सव शुरु हुआ और बीथोफ़न ही एक महीने चलने वाले इस समारोह का केंद्र बिंदु है.
सितंबर के महीने में सभी कार्यक्रम सिर्फ़ बेथोफ़न की रचनाओं पर आधारित होंगे और यही कारण हैं कि बीथोफ़न की नवीं सिम्फनी पर दो कार्यक्रम आधारित हैं, उद्घाटन समारोह में पावो येर्वी के निर्देशन में ब्रेमन की फिलार्मोनी और दो सप्ताह बाद कुर्ट माज़ूर के निर्देशन में फ्रांस का नेशनल ऑर्केस्ट्रा. दोनो ही अपने आप में शानदार प्रस्तुतियां होंगी.
बेथोफ़न केंद्र बिंदु
इस समारोह की आयोजक इयोना श्मील आख़िरी कॉन्सर्ट पर बहुत ख़ुश हैं क्योंकि यह लोरिन माज़ेल के निर्देशन में न्युयॉर्क फिलार्मोनी का कार्यक्रम होगा और माज़ेल के निर्देशन में ये आख़िरी कार्यक्रम होगा. बॉन के इस कार्यक्रम के बाद वे सेवानिवृत्त होने वाली हैं. श्मील कहती हैं कि उन्हें आन्द्रस शिफ के कैपेले आन्द्रियास बार्का और लंदन सिम्फनी ऑर्केस्ट्रा की उपस्थिती से बहुत ख़ुशी है. इसके अलावा संगीतकार रिकार्डो चैली, पियानो वादक लैला ज़िल्बरश्टाइन, युवा सेलो वादक सोल गाबेटा या फिर बहुमुखी प्रतिभा के धनी ताल वादक मार्टिन ग्रुबिंगर ब्रिटेन के युवा वायलिन वादक डैनियल होप भी इस समारोह में उपस्थित होंगे. ब्रिटिश वॉयलिन वादक होप एक ऐसा कार्यक्रम लेकर आए हैं जो जर्मन इतिहास का सबसे काला अध्याय प्रस्तुत करता है.
Bildunterschrift: Großansicht des Bildes mit der Bildunterschrift: कार्यक्रम से संतुष्ट आयोजक इलोना श्मील बीथोफ़न संगीत समारोह की आयोजक इयोना श्मील का कहना है कि होप की कॉंन्सर्ट के लिये आल्टे बॉनर वासर वर्क बिलकुल सही जगह है जहां जर्मनी की पूर्व संसद हुआ करती थी. श्मील कहती हैं कि यह एक खालिस राजनीतिक जगह है जहां गिडोन क्लाइन, उल्मान सहित कई संगीतकारों के कार्यक्रम आयोजित किये गए हैं.
बीथोफ़न के संगीत को नया आयाम
ब्रिटिश संगीतकार डानियल होप ने बीथोफ़न के संगीत को अलग आयाम दिया है. उन्होंने अपना फॉर्म ढूंढा है, इस संगीत के लिये शब्द लिखे हैं.
Bildunterschrift: Großansicht des Bildes mit der Bildunterschrift: इस साल बेथोफ़न समारोह में वॉयलिन वादक डैनियल होप यह संगीत दिखाता है कि वर्तमान समय में संगीत लिखना कितनी उम्मीदों से जुड़ा है. 60 से भी ज़्यादा संगीत सभाओं में बीथोफन की रचनाओं के अलावा उनके समकालीन संगीतकार, बारोक संगीत से लेकर आधुनिक, जैज़ संगीत, वाइमार संगीत सहित कई अन्य विधाएं प्रस्तुत की जाएंगी. सिर्फ बीथोफ़न का संगीत ही नहीं पुस्तक वाचन, चर्चाएं, प्रदर्शनी भी आयोजित की गई हैं. साथ ही साथ बीथोफ़न और उनकी रचनाओं पर फ़िल्में भी दिखाई जाएंगी. इयोना श्मील बताती हैं कि यह तीसरी बार है जब कि समारोह के दौरान बीथोफ़न पर फ़िल्में दिखाई जा रही हैं. लुक एट बीथोफ़न शीर्षक के अंतर्गत डॉइचे वेले और अन्य टीवी चैनल्स के साथ मिल कर आयोजकों ने लघु फ़िल्मों, अलग अलग फ़िल्म निर्देशकों की फ़िल्मों के हिस्से, युवा निर्देशकों की फ़िल्में भी दिखाई जाएंगी.
बीथोफ़न का व्यक्तित्व एक संगीतज्ञ की और एक व्यक्ति की हैसियत से बहुत ही व्यापक है जिसे एक बार में समूचा समझ और देख पाना आसान नहीं.







