खेल खिलाड़ी | 22.06.2008
सेमीफाइनल में रूस की धमाकेदार एंट्री
यूरो कप क्वॉर्टर फाइनल मुकाबलों में शनिवार को आमने सामने थीं रूस और हॉलैंड की टीमें पर जीत रही रूस के नाम. 1988 के यूरो चैंपियन हॉलैंड को 1-3 से करारी मात का सामना करना पडा, जिसके बाद वह यूरो 2008 से बाहर हो गया है.
निर्धाऱित 90 मिनट के खेल में दोनों ही टीमों ने बढ़िया प्रदर्शन किया और सेकंड हाफ के बाद रूस और हॉलैंड 1-1 की बराबरी पर थे. लेकिन एक्स्ट्रा टाइम में रूस ने दो गोल करके यूरो कप के सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली और हॉलैंड को यूरो कप से बाहर का रास्ता दिखा दिया.
Bildunterschrift: Großansicht des Bildes mit der Bildunterschrift: जीत से गदगद रूसी प्रशंसक
दमदार खेल
खेल के 56वें मिनट में रूस के रोमान पावलीचेंकों ने पहला गोल दागा. इसके बाद खेल का सेकंड हाफ खत्म होने से सिर्फ चार मिनट पहले हॉलैंड के रुड वान निस्टेलरुई ने गोल किया और 1-1 के स्कोर के साथ अपनी टीम को फिर से मुकाबले में लाकर खड़ा कर दिया. तय वक्त में मैच का फैसला न हो सका. सो मैच एक्स्ट्रा टाइम में दाखिल हुआ, जहां रूस के लिए 112वें मिनट में दिमित्री तोरबिंस्की ने दूसरा गोल किया. इस गोल ने हॉलैंड की टीम को दबाव में ला दिया लेकिन चार मिनट बाद ही रूस के आंद्रेय अर्शावीन ने फुटबॉल को गोल पोस्ट में पहुंचा दिया. और इसी के साथ हॉलैंड की उम्मीद धराशायी हो गई.
Bildunterschrift: Großansicht des Bildes mit der Bildunterschrift: मातम में डूबी डच टीम
वैसे रूस के लिए यह जीत ऐतिहासिक जीत है. सोवियत संघ के पतन के बाद वह पहली बार इस टूर्नामेंट में इस स्तर तक पहुंचा है.
पूरी हुई तमन्ना
रूसी टीम के कोच गुस हिडिंक इस बात से खुश हैं कि उनके खिलाड़ियों ने मजबूत हॉलैंड की तरफ से होने वाले हमलों को रोकने के साथ साथ गोल के लिए भी दबाव बनाया. खास बात है कि इस जीत ने डच मूल के हिडिंक की गद्दार बनने की तमन्ना पूरी कर दी है. हिंडिंक ने कहा था कि रूसी की टीम अगर डच टीम को हरा देती है तो अपने देश हॉलैंड में गद्दार बनने में खुशी होगी. आज तीसरा गोल दागने वाले रूस अर्शावीन कहते हैं कि एक डच कोच ने 11 प्रतिभाशाली डच खिलाड़ियों को हरा दिया. बहरहाल अब समीफाइनल में रूस का मुकाबला इटली से होगा या स्पेन से, इसका फैसला रविवार को होने वाले मैच में होगा.

























