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ख़ास ख़बर  | 29.08.2008

बाढ़ पीड़ितों को रेलवे की 90 करोड़ की मदद

रेल मंत्री लालू यादव ने बिहार के बाढ़ पीडितो के लिए 90 करोड़ रुपये की मदद देने का एलान किया है. यह राशि रेल मंत्रालय रहात कोष से दी जाएगी. बिहार में बाढ़ से 35 लाख लोग प्रभावित हैं.

रेल मंत्री लालू यादव ने बताया कि वे अपने एक महीने का वेतन और हाल में एक टीवी शो में जीते गए एक करोड़ रुपये बाढ़ पीड़ियों के लिए दान कर रहे हैं जबकि रेल कर्मचारी अपने एक दिन का वेतन मदद के रूप में देंगे.

इससे पहले भारतीय सेना ने बड़ी राहत कार्रवाई करते हुए क़रीब 1,24,000 लोगों को बाढ़ प्रभावित इलाक़ों से निकाल कर सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया है. लेकिन मौसम विभाग के मुताबिक़ आने वाले दो दिनों में भी इलाक़े में बारिश होती रहेगी, जिससे स्थिति और ख़राब हो सकती है.

राहत काम तेज़Bildunterschrift: Großansicht des Bildes mit der Bildunterschrift:  राहत काम तेज़

सेना के हेलिकॉप्टर और नाव उत्तर बिहार के बाढ़ प्रभावित इलाक़ों में राहत के काम में लगे हैं. बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़ कर 57 तक हो गई है, जबकि क़रीब 35 लाख लोग बुरी तरह इसकी चपेट में आ गए हैं.

बिहार सरकार के अधिकारियों ने बताया कि लगभग सवा लाख लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचा दिया गया है. जबकि प्रभावित लोगों के लिए अस्थायी तंबुओं की व्यवस्था की जा रही है.

इससे पहले गुरुवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी ने बिहार के बाढ़ प्रभावित इलाक़ों का दौरा किया. प्रधानमंत्री ने इसे राष्ट्रीय आपदा बताया और इससे निपटने के लिए एक हज़ार करोड़ रुपये की मदद देने का  एलान किया.

बाढ़ में फंसे लोगों को निकालने में भी मुश्किल हो रही है. लोगों के सिर पर छत नहीं है और बचाव कर रहे नाव वाले लोगों को बाहर निकालने के लिये 3-4 हज़ार रुपये मांग रहे हैं. हर तरफ़ पानीBildunterschrift: Großansicht des Bildes mit der Bildunterschrift:  हर तरफ़ पानी

राज्य के 38 ज़िलों में से 15 बाढ़ से त्रस्त हैं और इनमें भी सुपौल, सहरसा, अररिया और मधेपुरा में स्थिति सबसे अधिक ख़राब है. लोगों की शिकायत है कि बचाव काम में लगे नाव वाले मनमानी कर रहे हैं और इस त्रासदी में भी लोगों से तीन-तीन चार-चार हज़ार रुपये मांग रहे हैं.

आशंका व्यक्त की जा रही है कि नेपाल एक लाख क्यूसेक पानी छोड़ने वाला है. यदि ऐसा हुआ तो स्थिति वाकई और भी अधिक बिगड़ जायेगी. आरोप लगाया जा रहा है कि कोसी के तटबंध की मरम्मत और देखरेख के काम में नेपाल और भारत, दोनों ही देशों की सरकारों ने लापरवाही बरती है. लेकिन अब भारत सरकार पूरी तरह से चेत गयी लगती है.

गुरुवार को सत्तारूढ़ गठबंधन यूपीए की अध्यक्ष सोनिया गांधी और रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव के साथ प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने बिहार जाकर बाढ़ग्रस्त इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया. उन्होंने बिहार की स्थिति को बेहद गंभीर बताया और कहा कि यह बाढ़ राष्ट्रीय आपदा है.

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने केन्द्र सरकार से एक लाख टन अनाज की मांग की थी. मनमोहन सिंह ने घोषणा की कि केन्द्र सरकार सवा लाख टन अनाज देगी. उन्होंने बिहार को एक हज़ार करोड़ रुपये का विशेष पैकेज दिए जाने की मांग भी स्वीकार कर ली. मनमोहन सिंह ने कहा कि वह बिहार की जनता को आश्वासन देते हैं कि संकट की इस घड़ी में पूरा भारत और भारत सरकार राज्य की जनता और सरकार के साथ है.

 
 

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