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सरोकार  | 29.08.2008

विरोध के कारण नैनो कारखाने में काम रुका

किसानों के विरोध के कारण टाटा की नैनो कार बनाने वाले कारखाने में शुक्रवार को काम रुक गया क्योंकि किसानों के प्रदर्शन के कारण हज़ारों कर्मचारी काम पर नहीं आए.

न तो राजनीतिक प्रयास काम आ रहे हैं और न ही धमकी. सारी कोशिश के बावजूद कम्युनिस्ट शासित पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता से एक घंटे की दूरी पर स्थित सिंगूर में टाटा के कारखाने से संबंधित विवाद थमता नज़र नहीं आ रहा.

ज़मीन की वापसी की मांग पर हड़ताल कर रहे किसानों ने अब कारखाने के कर्मचारियों को अपना निशाना बनाना शुरू कर दिया है. मारपीट की धमकी के बाद पुलिस ने 3600 कर्मचारियों को कारखाने से सुरक्षित बाहर निकाला.

सिंगुर कारखाने में टाटा एक लखिया नैनो कार का उत्पादन करेगी जिसने अपनी कम क़ीमत के कारण सारी दुनिया में तहलका मचा रखा है. लेकिन वामपंथी सरकार के ख़िलाफ़ ममता बनर्जी के नेतृत्व में चल रही हड़ताल ने न सिर्फ़ टाटा की नैनो को बाज़ार में लाने की योजना को नुकसान पहुंचाया है बल्कि अंतरराष्ट्रीय प्रतिद्वंदियों के मुक़ाबले समय के लाभ को भी कम कर दिया है.

कहीं और जाने की धमकीBildunterschrift: Großansicht des Bildes mit der Bildunterschrift:  कहीं और जाने की धमकी

टाटा मोटर्स के एक प्रवक्ता ने शुक्रवार को कहा कि स्थिति की समीक्षा की जा रही है. टाटा समूह के प्रमुख रतन टाटा ने पिछले दिनों चेतावनी दी थी कि यदि हिंसा जारी रहती है तो 35 करोड़ डॉलर के निवेश के बावजूद वे कारखाने को किसी और प्रांत ले जा सकते हैं.

बंगाल सरकार ने टाटा समूह को नैनो कारखाने के लिए अधिग्रहण कर 1000 एकड़ ज़मीन दी है. समस्या की शुरुआत तब हुई जब कुछ किसानों ने सरकार की हर्ज़ाने की पेशकश को ठुकरा दिया और 400 एकड़ ज़मीन की वापसी की मांग की.

चुनावों से पहले त्रृणमूल कांग्रेस की ममता बनर्जी इस मामले को हाथ से जाने नहीं देना चाहती है. हज़ारों त्रृणमूल समर्थकों ने कोलकाता में सड़क जाम किया और सरकार के ख़िलाफ़ नारे लगाए.

प्रांत के मुख्यमंत्री बुधदेव भट्टाचार्य ने किसानों के साथ बातचीत करने को तैयार हैं लेकिन उन्होंने कहा है कि सरकार 400 एकड़ ज़मीन वापस नहीं दे सकती क्योंकि इस ज़मीन पर कल पुर्जों का कारखाना लगाने की योजना है. विवाद के गहराने के बाद महाराष्ट्र और उत्तराखंड सहित कई प्रांतों ने टाटा को नैनो कारखाना अपने यहां लाने की पेशकश की है.

 
 

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