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खोज  | 07.10.2008

चांद पर भारत

चांद पर भारत का पहला यान 22 अक्तूबर को भेजा जाएगा. इस अभियान की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं और अब बस यान को चांद पर भेजे जाने का इंतज़ार है. इसरो सूत्रों ने इस बारे में जानकारी दी.

चांद पर भारत के पहले मिशन चंद्रयान-1 को छोड़े जाने की घोषणा कर दी गई है. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान परिषद(इसरो) के सूत्रों का कहना है कि चंद्रयान-1 मिशन को श्रीहरिकोटा केन्द्र से 22 अक्टूबर को प्रक्षेपित किया जाएग.

386 करोड़ रूपए की इस परियोजना को सरकार ने पांच साल पहले ही अनुमति दे दी थी लेकिन ये ऐतिहासिक प्रक्षेपण कई कारणों से बार बार टलता रहा है. लेकिन इस बार इस मिशन के शुरू होने की संभावना पूरी है क्योंकि सैटेलाइट को श्रीहरिकोटा लाया जा चुका है और अब ये सतीश धवन स्पेस सेन्टर में रखा गया है.

इसरो के अनुसार अगर मौसम साफ़ रहा तो 22 अक्टूबर की सुबह 6 बजकर 20 मिनट पर पोलर सैटेलाइट लॉंच व्हीक्ल से चंद्रयान-1 सैटेलाइट का प्रक्षेपण होगा.

चंद्रयान-1 उपग्रह अपने साथ 11 उपकरण और ले जा रहा है जिनमें 5 उपकरण भारत के और 6 उपकरण अमरीका, यूरोप औऱ बुल्गारिया के हैं.

ये उपग्रह चंद्रमा से 100 किलोमीटर की कक्षा में स्थापित कर दिया जाएगा जहां से वो चंद्रमा की सतह पर उपस्थित खनिज और वातावरण ककी जानकारी एकत्र करेगा. चंद्रयान-1 मिशन साथ ही इस बात की भी जांच करेगा कि चंद्रमा की सतह पर उतरने के लिए किस तकनीक की ज़रूरत होती है.

भारत का मानना है कि अंतरिक्ष में अनुसंधान और खोज के उसके प्रयासों में चंद्रयान-1 का सफल प्रक्षेपण एक बड़ी सफलता होगी.

 
 

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