ख़ास ख़बर | 07.10.2008
700 अरब डॉलर का ज़िम्मा भारतीय मूल के कशकरी पर
अमेरिका की वित्तीय व्यवस्था को संकट से बाहर निकालने की ज़िम्मेदारी भारतीय मूल के नील कशकरी को सौंपी गई है. 700 अरब डॉलर का आर्थिक पैकेज कैसे इस्तेमाल होगा ये काम नील कशकरी के हाथ में होगा.
अमेरिका की वित्तीय व्यवस्था को संकट से बाहर निकालने की ज़िम्मेदारी भारतीय मूल के नील कशकरी को सौंपी गई है. अमेरिका के वित्त मंत्रि हेनरी पॉलसन ने 700 अरब डॉलर के आर्थिक पैकेज के संचालन की कमान नील कशकरी के हाथों में दी है.
इससे पहले 35 वर्षीय नील कशकरी अमेरिकी वित्त मंत्रालय में एक अहम पद पर कार्यरत थे.
हाल ही में
Bildunterschrift: Großansicht des Bildes mit der Bildunterschrift: कशकरी-पॉल्सन लंबे समय से साथअमरीकी संसद से पास हुए पैकेज को क्रियान्वित करने के लिए एक नया पद बनाया गया है जिसे वित्तीय स्थायित्व के लिए अमेरिकी वित्त उपमंत्री का नाम दिया गया है. नील कशकरी इसी का अंतरिम पदभार संभाल रहे हैं.
2006 से वित्त मंत्रालय में नील कशकरी ने अंतर्राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था और विकास के क्षेत्र में ऊर्जा सुरक्षा योजना, भारत के साथ मंत्रालय के सम्बन्ध बेहतर करने के साथ साथ घर के कर्ज़ की मुश्किल से जूझ रहे लोगों की समस्याओं पर काम किया है.
नील कशकरी वॉल स्ट्रीट के बड़े नामों में एक गोल्डमैन सैक्स की सैन फ्रांसिस्को शाखा में वाइस प्रेसिडेंट पर थे जहां उन्होंने कंपनियों की ख़रीद और विलय और वित्तीय लेनदेन पर काम किया. नील कशकरी इस निवेश बैंक के उन चार कर्मचारियों में से एक है जो अब वित्तीय संकट के समाधान पर काम कर रहे हैं.
नील कशकरी अमेरिका के ओहायो प्रांत के रहने वाले हैं और इलिनोयी विश्वविद्यालय से उन्होंने इंजीनियरिंग में मास्टर्स डिग्री हासिल की. उन्होंने अमेरिका के प्रतिष्ठित व्हार्टन बिज़नेस स्कूल से एमबीए भी किया. वित्तीय क्षेत्र में काम करने से पहले नील कशकरी ने अमेरिकी अंतरिक्ष संस्था नासा के स्पेस मिशन के लिए तकनीक के विकास में अहम योगदान दिया है.
नील कशकरी के पिता चमन कशकरी भारतीय राज्य जम्मू कश्मीर के रहने वाले हैं और अमेरिकी विश्वविद्यालय में इंजीनियरिंग विभाग में प्रोफ़ेसर के पद पर रह चुके हैं. उनकी मां शीला कशकरी एक डॉक्टर है.
वित्तीय संकट से अमेरिका को बाहर निकालने के लिए इतनी कम उम्र में नील कशकरी को जो ज़िम्मेदारी सौंपी गई है उस पर कई सवाल भी उठ रहे हैं. जानकारों का मानना है कि वित्त मंत्री हेनरी पॉल्सन और नील कशकरी ने पहले गोल्डमैन सैक्स में और फिर वित्त मंत्रालय में साथ काम किया है. इसलिए समझा जाता है कि पॉल्सन को कशकरी की क्षमता पर पूरा भरोसा है.

















