ख़ास ख़बर | 08.10.2008
'मुश्किल वित्तीय हालात में भी जर्मनी मजबूत'
जर्मन चांसलर अंगेला मैर्केल ने कहा है कि विश्व अर्थव्यवस्था अपने सबसे बुरे दौर से गुजर रही है. लेकिन मुश्किल की इस घड़ी में भी जर्मन अर्थव्यवस्था मजबूत है. जर्मन संसद के विशेष सत्र के दौरान उन्होंने ये बातें कहीं.
दुनिया भर को अपनी चपेट में लेने वाले आर्थिक संकट के लिए कौन जिम्मेदार है और लगातार गंभीर होती स्थिति से यूरोप और खासकर जर्मनी को किस तरह निपटना चाहिए, मंगलवार को जर्मन संसद के विशेष सत्र में चांसलर अंगेला मैर्केल का भाषण इन्हीं सवालों के इर्दगिर्द रहा.
Bildunterschrift: Großansicht des Bildes mit der Bildunterschrift: संकट के लिए बताया अमेरिका को जिम्मेदार देश की संसद को उन्होंने यह तो भरोसा दिलाया कि जर्मन की मजबूत अर्थव्यवस्था पर मौजूदा संकट का बहुत ज्यादा असर नहीं पड़ेगा, लेकिन पूरी तरह माना कि दुनिया की अर्थव्यवस्था बहुत मुश्किल दौर से गुजर रही है. उन्होंने कहा, 'अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय बाजारों में हालत बहुत गंभीर है. पहले कभी ऐसा नहीं देखा गया. बहुत सी चीजों को लेकर सवाल उठ रहे हैं. लेकिन इतना साफ है कि इस सब की वजह वित्तीय क्षेत्र का लालच, गैरजिम्मेदाराना सट्टेबाजी और कुप्रबंधन है.'
अपने भाषण में मैर्केल ने इशारों इशारों में यह भी कहा कि इस संकट की वजह अमेरिका है और आज यह कह पाना भी मुश्किल है कि आने वाले दिनों में इसके क्या परिणाम झेलने होंगे. उन्होंने कहा, 'वास्तव में यह कह पाना मुश्किल है कि इस संकट के दीर्घकालीन परिणाम क्या होंगे. हमारे देश और अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर पर भी इसका असर पड़ेगा. हमारे देश की निर्यात आधारित अर्थव्यवस्था है. हमें बढ़ते ऊर्जा और खाद्य पदार्थों के दामों से निपटना है. लेकिन मैं कहूंगी कि इस मुश्किल की घड़ी में भी जर्मनी मजबूत है.'
मैर्केल ने जर्मनी के बैंक हीपो रियल एस्टेट को दिवालिया होने से बचाने के लिए सरकार की तरफ से
Bildunterschrift: Großansicht des Bildes mit der Bildunterschrift: हीपो रियल एस्टेट में पैसा झौंकने को सही बताया50 अरब यूरो की रकम झोंकने के फैसले को सही बताया. उन्होंने कहा कि अगर कुछ न किया जाता तो इसके नतीजे वित्तीय क्षेत्र में जर्मनी की साख और समूचे यूरोप के लिए बहुत गंभीर होते. साथ ही उन्होंने आम जनता को भरोसा दिलाया कि बैंकों में जमा उनकी बचत सुरक्षित है. मैर्केल के मुताबिक, 'संघीय सरकार की तरफ से वित्त मंत्री और मैने रविवार को ही कह दिया कि बचत राशि को लेकर किसी भी तरह डरने की जरूरत नहीं है. और मैं फिर कहती हूं कि सरकार इस बात पर पूरी तरह कायम है.'
मैर्केल ने कहा कि यूरोप को मौजूदा स्थिति से निपटने के लिए एकजुट होने की जरूरत है. हालांकि अमेरिकी तर्ज पर यूरोपीय साझा वित्तीय योजना तैयार करने के कोशिशों को उन्होंने फिर खारिज किया. मैर्केल वित्तीय क्षेत्र के लिए और कड़े अंतरराष्ट्री कानूनों की हिमायती है.

















